पैसे की वर्बादी है ऐसे बस स्टाप बनाना
नुआगाँव प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले बारीलेप्टा पंचायत के बारीलेप्टा ग्राम से होकर गुजरनेवाली बारीलेप्टा - नुआगाँव सड़क पर एक बस स्टाप बनी है, यह ऐसी बस स्टाप है जहाँ से कभी कोई यात्री बस नहीं पकडता। सच तो यह है कि सारी बसे बारीलेफ्टा पंचायत कार्यालय के निकट चौक पर ही रूकती है,जहाँ से यात्री बस पर सवार होते है। इस चौक में सारी बसों के रूकने का सबसे बडा़ कारण यह है कि इस चौक से बिसरा, राउरकेला, नुआगाँव, सोरडा़,लोआराम की ओर से आनेवाले सभी रास्ते मिलते है।
इस चौक से बस स्टाप की दूरी लगभग 600 से 700 मीटर की हो सकती है तो इतनी दूर कोई यात्री बस के इंतजार में बैठने भी नही जाएगा। यात्री चोक पर स्थित दुकानों के बारामदों में बैठकर बस का इंतजार करते है।चौक पर स्थित सभी दुकानों के मालिक भी यात्रीयों की सुविधा के लिए अपने दुकान के आगे लम्बी बैच रख देते है ताकि लोग उसपर आराम से बैठकर बस का इंतजार कर सके।
यह बस स्टाप तो एक उदाहरण मात्र है,पूरे प्रदेश में ऐसे कई बस स्टाप देखे जा सकते है जहाँ उद्घाटन के दिन से आजतक कोई यात्री बस के इंतजार में बैठा ना हो।ऐसे बस स्टाप अक्सर मनचलों का अड्डा बन जाता है।
लाखो रूपये कि लागत से बने ऐसे बस स्टाप सरकारी धन का दुरूपयोग नहीं तो और क्या है।





